जीसीसी-स्टैट को उम्मीद है कि पर्यटन 2035 तक जीसीसी राज्यों के जीडीपी में लगभग $365.7 बिलियन का योगदान देगा
मस्कट, 28 सितंबर (QNA) - खाड़ी अरब देशों के सहयोग परिषद के सांख्यिकीय केंद्र (GCC-Stat) ने उम्मीद जताई है कि पर्यटन 2035 तक जीसीसी देशों के जीडीपी में लगभग US$365.7 बिलियन का योगदान देगा।
पर्यटन क्षेत्र से 2035 तक जीसीसी में 5.8 मिलियन नौकरियां प्रदान करने की भी उम्मीद है।
विश्व पर्यटन दिवस, जो हर साल 27 सितंबर को मनाया जाता है, के अवसर पर GCC-Stat द्वारा जारी एक सांख्यिकीय बुलेटिन में बताया गया कि 2025 में जीसीसी देशों के बीच 2 करोड़ से अधिक पर्यटक यात्रा कर चुके हैं, जो 2024 की तुलना में 3.6% की वृद्धि है। बुलेटिन में प्रमुख पर्यटन क्षेत्र के संकेतकों और जीसीसी देशों में डिजिटल तत्परता के स्तर की समीक्षा की गई है, जिसका शीर्षक है 'स्मार्ट परिवर्तन के युग में खाड़ी पर्यटन'।
केंद्र ने बताया कि डिजिटल तकनीकों और एआई द्वारा संचालित तेज बदलाव खाड़ी पर्यटन को डेटा और नवाचार पर आधारित एक नए चरण में ले जा रहे हैं। यह परिवर्तन पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने, निर्णय लेने में सहायता, कौशल विकास और पर्यटन स्थल प्रबंधन की दक्षता और स्थिरता को बढ़ाने का उद्देश्य रखता है।
बुलेटिन में प्रकाशित प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में जीसीसी देशों में लगभग 75.7 मिलियन पर्यटक पहुंचे, जो 2024 की तुलना में 4.9% की वृद्धि है। वहीं, पर्यटन राजस्व 9.7% बढ़कर लगभग US$131.9 बिलियन हो गया।
पर्यटन राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि, पर्यटक आगमन की वृद्धि दर की तुलना में, पर्यटन गतिविधि से उत्पन्न आर्थिक मूल्य में सुधार और औसत पर्यटक खर्च में वृद्धि को दर्शाती है। प्रति आगंतुक औसत पर्यटन राजस्व वर्ष के दौरान लगभग US$1,743 रहा।
बुलेटिन में बताया गया कि जीसीसी देशों में होटल प्रतिष्ठानों की कुल संख्या लगभग 12,400 हो गई है, जो 2024 की तुलना में 4.8% की वृद्धि है। यह आवास क्षमता के विस्तार और आतिथ्य सुविधाओं व पर्यटन सेवाओं में निवेश को दर्शाता है।
केंद्र ने पर्यटन के भविष्य के पुनः डिजाइन में डिजिटल सक्षमकर्ताओं की भूमिका को उजागर किया, यह बताते हुए कि उन्नत डिजिटल अवसंरचना पर्यटन सेवाओं और अनुभवों के विकास के लिए एक प्रमुख स्तंभ है और स्मार्ट व अधिक एकीकृत पर्यटन की ओर संक्रमण का समर्थन करती है।
परिणामों से यह भी पता चला कि सभी जीसीसी देशों ने मोबाइल एप्लिकेशन विकास सूचकांक पर 60 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। यह उनकी उन्नत डिजिटल क्षमताओं को दर्शाता है, जिन्हें नवाचारपूर्ण पर्यटन एप्लिकेशन विकसित करने, आगंतुकों को जानकारी और सेवाओं तक पहुंच प्रदान करने और यात्रा के पहले, दौरान और बाद में उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
बुलेटिन में जोर दिया गया है कि खाड़ी पर्यटन का भविष्य केवल आगंतुकों की संख्या बढ़ाने और होटल सुविधाओं के विस्तार पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि क्षेत्र डेटा, एआई और डिजिटल एप्लिकेशन का उपयोग करके पर्यटकों की जरूरतों को समझे, मांग का पूर्वानुमान लगाए, सेवाओं को व्यक्तिगत बनाए और स्थायी व कुशल तरीके से स्थलों का प्रबंधन करे।
संकेतकों से यह भी स्पष्ट होता है कि जीसीसी देशों के बीच पर्यटन डेटा के एकीकरण, साझा डिजिटल प्लेटफार्मों के विकास और बुकिंग, परिवहन और कार्यक्रम सेवाओं को जोड़ने की आवश्यकता है।
ये प्रयास एक सहज और जुड़ा हुआ खाड़ी पर्यटन अनुभव बनाने में योगदान देंगे, प्रत्येक पर्यटक से उत्पन्न आर्थिक मूल्य को अधिकतम करेंगे और क्षेत्र की वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थिति को मजबूत करेंगे। (QNA)
यह सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा अनुवादित की गई है।
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