ब्रिक्स नेताओं ने संघर्ष समाधान में संवाद, कूटनीति के महत्व पर जोर दिया
नई दिल्ली, 12 सितंबर (क्यू एन ए) - ब्रिक्स समूह के नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की, संवाद, परामर्श और कूटनीतिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने संघर्ष की रोकथाम के प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया, जिसमें मूल कारणों का समाधान शामिल है।
आज जारी संयुक्त बयान में, समूह ने मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अत्यधिक संयम बरतने का आह्वान किया। बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, समूह ने ऐसी कार्रवाइयों से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया जो स्थिति को और खराब कर सकती हैं। उन्होंने एक बहुपक्षीय दृष्टिकोण की वकालत की जो प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विभिन्न राष्ट्रीय दृष्टिकोणों और स्थितियों का सम्मान करता है और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को मजबूत करने के महत्व को उजागर किया ताकि तनाव कम किया जा सके और अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखी जा सके।
ब्रिक्स ने दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते परमाणु खतरे और लगातार संघर्षों को लेकर भी चिंता व्यक्त की, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और नागरिक सुविधाओं व अवसंरचना की सुरक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आर्थिक मोर्चे पर, ब्रिक्स देशों ने वैश्विक व्यापार के सुचारू प्रवाह को बनाए रखने और आपूर्ति श्रृंखला व ऊर्जा प्रवाह की स्थिरता को बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया, विशेष रूप से भू-राजनीतिक व्यवधानों और वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने बढ़ती चुनौतियों के बीच।
ये बिंदु नई दिल्ली, भारत में आयोजित वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की घोषणा में उल्लिखित किए गए, जिसमें समूह के सदस्य देशों-ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका-के साथ-साथ मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और यूएई ने भाग लिया। (क्यू एन ए)
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