प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने मिस्र के विदेश मंत्री से मुलाकात की
काहिरा, 20 अगस्त (QNA) - महामहिम प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल-थानी ने अरब गणराज्य मिस्र के विदेश मामलों, प्रवासन और मिस्र के प्रवासी मामलों के मंत्री डॉ. बद्र अब्देलाटी से काहिरा में सातवें कतरी-मिस्री संयुक्त उच्च समिति के सत्र के दौरान मुलाकात की।
बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच सहयोग संबंधों की समीक्षा की और उन्हें समर्थन देने और आगे विकसित करने के तरीकों पर चर्चा की, साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सहमति और संयुक्त कार्रवाई को मजबूत करने पर भी विचार किया।
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को लगातार विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, उच्च स्तरीय यात्राओं और निरंतर समन्वय व परामर्श में दिख रही बढ़ती गति को आधार बनाते हुए। उन्होंने संयुक्त उच्च समिति की नियमित बैठक की महत्ता और इसके सातवें सत्र के परिणामों को व्यावहारिक कदमों में बदलने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत हो सके।
इस संदर्भ में, दोनों पक्षों ने आर्थिक और निवेश संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार विनिमय 2025 में 80 प्रतिशत बढ़ गया है, साथ ही अरब गणराज्य मिस्र में कतरी निवेश की निरंतर वृद्धि भी देखी गई है।
दोनों पक्षों ने स्वेज नहर आर्थिक क्षेत्र में प्रत्यक्ष कतरी निवेश के साथ सतत विमानन ईंधन उत्पादन परियोजना के शुभारंभ को भी उजागर किया, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक और निवेश सहयोग में बढ़ती गति को दर्शाता है।
बैठक में दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक और श्रम सहयोग और समन्वय जारी रखने की महत्ता पर भी चर्चा हुई, जिससे साझा हितों की सेवा हो और कतर के श्रम बाजार की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
इसमें क्षेत्रीय घटनाक्रम, तनाव कम करने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों, क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने के उपायों, साथ ही गाजा पट्टी और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में घटनाक्रम पर भी चर्चा हुई।
दोनों पक्षों ने इजराइल द्वारा गाजा में संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापक योजना को लागू करने के रोडमैप को अस्वीकार करने की घोषित नीति की निंदा की, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 द्वारा समर्थन मिला था और फिलिस्तीनी गुटों ने मध्यस्थों के गहन प्रयासों के बाद स्वीकार किया था। उन्होंने फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना को अस्वीकार करने के लिए इजराइल की निंदा भी की।
दोनों पक्षों ने दोनों मित्र देशों के बीच निरंतर समन्वय और परामर्श की महत्ता और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता को मजबूत करने के प्रयासों के समर्थन में वर्तमान घटनाक्रम पर एकजुट रुख अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विवादों को कूटनीतिक तरीकों से सुलझाने के समर्थन की पुनः पुष्टि की, तनाव कम करने और संवाद को प्राथमिकता देने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के समन्वय की महत्ता पर जोर दिया।
दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, विशेष रूप से अरब खाड़ी और लाल सागर में, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का सुचारू प्रवाह बना रहे, महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा बढ़े और क्षेत्रीय स्थिरता को समर्थन मिले।
दोनों पक्षों ने गणराज्य लेबनान की सुरक्षा, स्थिरता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में निरंतर समन्वय की महत्ता को भी रेखांकित किया। उन्होंने लेबनान की भूमि से इजराइली बलों की वापसी और लेबनानी राज्य संस्थाओं, विशेष रूप से लेबनानी सेना को समर्थन देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
सूडान के मामले में, दोनों पक्षों ने सूडान की एकता, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संस्थाओं के समर्थन की पुष्टि की, और इसे विभाजित करने या समानांतर संस्थाएं स्थापित करने के किसी भी प्रयास को अस्वीकार किया। उन्होंने बिगड़ती मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता भी व्यक्त की।
बैठक में अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र में घटनाक्रम पर भी चर्चा हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने क्षेत्र के देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने और क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा को खतरे में डालने या अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी एकतरफा कदम से बचने की आवश्यकता पर बल दिया।
दोनों पक्षों ने कतर राज्य और अरब गणराज्य मिस्र के बीच करीबी समन्वय और परामर्श जारी रखने और द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ती गति को साझा हितों और दोनों देशों व उनके लोगों की सेवा में आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। (QNA)
English
Français
Deutsch
Español
русский
हिंदी
اردو