पर्यावरण मंत्रालय ने राष्ट्रीय विकिरण, परमाणु आपातकालीन योजना पर चर्चा की
दोहा, 07 जुलाई (QNA) - कतर के न्याय मंत्रालय ने कनाफ पेरेंटिंग सेंटर के साथ मिलकर एक इंटरैक्टिव कार्यशाला आयोजित की है जिसका उद्देश्य परिवारों को डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने में मदद करना है।
यह सत्र मंत्रालय के सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने, डिजिटल जागरूकता बढ़ाने और कर्मचारियों को परिवार की स्थिरता के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करने के प्रयासों का हिस्सा है, जो तेज़ तकनीकी बदलाव के बीच आवश्यक है।
आयोजकों ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य डिजिटल वातावरण से जुड़े जोखिमों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है, साथ ही परिवार की भूमिका को मूल्यों को बढ़ावा देने और तकनीक के सुरक्षित व जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करने में मजबूत करना है।
यह कार्यक्रम न्याय मंत्रालय और कनाफ द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किए गए नए ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम के तहत आयोजित गतिविधियों की श्रृंखला में पहला है। इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों के ज्ञान को बढ़ाना, उनके पारिवारिक और पेशेवर कल्याण में सुधार करना और मानव पूंजी में निवेश व जीवनभर सीखने को बढ़ावा देने के मंत्रालय के व्यापक लक्ष्यों का समर्थन करना है।
कार्यशाला में परिवारों के सामने ऑनलाइन आने वाली मुख्य चुनौतियों जैसे डिजिटल सुरक्षा, बच्चों को हानिकारक ऑनलाइन व्यवहार से बचाना और जिम्मेदार तकनीक उपयोग को प्रोत्साहित करना शामिल था। इसमें परिवार के भीतर कतरी मूल्यों और पहचान को मजबूत करने, माता-पिता और बच्चों के बीच खुली बातचीत को बढ़ावा देने और तकनीक का उपयोग मजबूत पारिवारिक संबंधों के लिए करने के महत्व को भी उजागर किया गया।
प्रतिभागियों को बताया गया कि बच्चों को डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ने में मदद करना केवल स्क्रीन टाइम को सीमित करने के बारे में नहीं है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार तरीके से तकनीक का उपयोग करने के लिए आवश्यक कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करने के बारे में है।
कार्यशाला में माता-पिता को रचनात्मक पारिवारिक संवाद और सूचित निर्णय लेने के लिए व्यावहारिक रणनीतियाँ भी प्रदान की गईं, ताकि वे तेजी से डिजिटल होती समाज में बेहतर निर्णय ले सकें। (QNA)
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