डब्ल्यूएचओ ने जंगल की आग के धुएं के देशों और महाद्वीपों में फैलने के खतरों की चेतावनी दी
जिनेवा, 31 जुलाई (क्यूएनए) - विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने आज चेतावनी दी कि जंगल की आग के खतरे केवल उन क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं जहाँ वे उत्पन्न होती हैं, बल्कि धुआं देशों और महाद्वीपों में फैल सकता है, जिससे वायु गुणवत्ता में गिरावट आती है और दूरस्थ क्षेत्रों में आबादी के स्वास्थ्य को खतरा होता है।
एक बयान में, डब्ल्यूएचओ ने बताया कि आग के धुएं में गैसें और सूक्ष्म कण होते हैं जो फेफड़ों और रक्त प्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे खांसी, आंख और गले में जलन, सिरदर्द और सांस की कमी हो सकती है। यह अस्थमा, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों के लिए जटिलताओं का जोखिम भी बढ़ाता है।
डब्ल्यूएचओ ने बताया कि बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, विकलांग लोग, और आपातकालीन सेवाओं व बाहरी क्षेत्रों में काम करने वाले लोग सबसे अधिक संवेदनशील हैं। साथ ही यह भी बताया कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और सूखा आग की घटनाओं की आवृत्ति और फैलाव को बढ़ाते हैं।
डब्ल्यूएचओ ने जनता से आग्रह किया कि वे वायु गुणवत्ता की चेतावनियों की निगरानी करें, धुएं की उपस्थिति में बाहरी गतिविधियों को कम करें, घर के अंदर की हवा को स्वच्छ रखें, और यदि धुएं के कारण कोई लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सा सहायता लें। (क्यूएनए)
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