इस्राइली बिल द्वारा अज़ान पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की ओआईसी ने निंदा की
जेद्दा, 02 जुलाई (QNA) - इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) ने इस्राइली कनेस्सेट द्वारा उस बिल की प्रारंभिक मंजूरी की निंदा की है, जिसमें कब्जे वाले पूर्व यरूशलेम और 1948 में कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुस्लिम अज़ान प्रसारित करने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।
गुरुवार को जारी एक बयान में, ओआईसी के जनरल सचिवालय ने प्रस्तावित कानून को धर्म और पूजा की स्वतंत्रता के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संरक्षित सांस्कृतिक और धार्मिक अधिकारों का "स्पष्ट उल्लंघन" बताया।
संगठन ने कहा कि यह बिल फिलिस्तीनी उपस्थिति और अरब तथा इस्लामी पहचान को निशाना बनाने वाले इस्राइली उपायों और कानूनों की श्रृंखला में "खतरनाक वृद्धि" का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव इस्लामी धार्मिक प्रथाओं और पवित्र स्थलों पर सीधा हमला है।
ओआईसी ने यह भी कहा कि अज़ान पर प्रतिबंध लगाने से अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों और उन संधियों का उल्लंघन होगा जो बिना भेदभाव या प्रतिबंध के धार्मिक अनुष्ठानों का अधिकार सुनिश्चित करती हैं।
संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र और उसकी संबंधित संस्थाओं से आग्रह किया कि वे इस्राइली उपायों को रोकने के लिए कार्रवाई करें जो "अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन" करते हैं और पूजा की स्वतंत्रता तथा इस्लामी पवित्र स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। (QNA)
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