प्राकृतिक यौगिक स्पर्मिडीन वृद्ध लोगों की टीकों के प्रति प्रतिरक्षा को बढ़ाता है
लंदन, 29 जून (QNA) - यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड, यूके के वैज्ञानिकों ने खोज की है कि कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाने वाला प्राकृतिक यौगिक स्पर्मिडीन वृद्ध लोगों में टीकाकरण के प्रति प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाता है।
वैज्ञानिकों ने बताया कि जैसे-जैसे लोग उम्रदराज होते हैं, उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली धीरे-धीरे अपनी प्रभावशीलता खो देती है, जिसे इम्यून सीनसेंस कहा जाता है। इसके परिणामस्वरूप, वृद्ध लोग टीकों पर कम प्रभावी प्रतिक्रिया देते हैं और कम एंटीबॉडी बनाते हैं। इसलिए, वैज्ञानिकों ने यह परीक्षण करने का निर्णय लिया कि क्या स्पर्मिडीन, जो मसूर, चना, ब्रोकली, मशरूम और कुछ प्रकार के पनीर में पाया जाता है, प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य को सुधारता है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि स्पर्मिडीन प्रतिरक्षा प्रणाली की उम्र बढ़ने के संकेतों को कम कर सकता है और प्राकृतिक सेलुलर आत्म-सफाई प्रक्रिया को सक्रिय कर सकता है, जिससे क्षतिग्रस्त घटकों को हटाने और कोशिका स्वास्थ्य व गतिविधि को बनाए रखने में मदद मिलती है।
अध्ययन में 65 वर्ष से अधिक उम्र के 40 स्वस्थ स्वयंसेवकों को शामिल किया गया, जिन्होंने पहले कोविड-19 वैक्सीन की तीन खुराक ली थी। 13 सप्ताह तक, कुछ प्रतिभागियों ने प्रतिदिन स्पर्मिडीन सप्लीमेंट लिया, जबकि बाकी को प्लेसबो दिया गया।
लगभग एक चौथाई प्रतिभागियों ने टीके के प्रति बहुत कमजोर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया दिखाई, भले ही उन्होंने तीन खुराक ली थी। वैज्ञानिकों ने इन व्यक्तियों की प्रतिरक्षा कोशिकाओं में तेज उम्र बढ़ने के संकेत देखे। हालांकि, स्पर्मिडीन लेने के बाद, कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी स्तर और बी सेल कार्य दोनों में सुधार हुआ, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली की विभिन्न वायरस स्ट्रेन को निष्क्रिय करने की क्षमता बढ़ी। (QNA)
English
Français
Deutsch
Español
русский
हिंदी
اردو