एमओसीआई ने मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी और आतंकवाद वित्तपोषण आवश्यकताओं के अनुपालन की चुनौतियों पर कार्यशाला आयोजित की
दोहा, 28 जून (क्यूएनए) - वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (एमओसीआई) ने वित्तीय सूचना इकाई और कतर एसोसिएशन ऑफ सर्टिफाइड पब्लिक अकाउंटेंट्स के सहयोग से "मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी और आतंकवाद वित्तपोषण आवश्यकताओं के अनुपालन की चुनौतियाँ और उन्हें संबोधित करने के तंत्र: संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्टिंग" विषय पर दूसरी संवाद कार्यशाला आयोजित की।
मंत्रालय द्वारा आज जारी एक बयान में बताया गया कि यह कार्यशाला मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद वित्तपोषण से संबंधित विधायी और नियामक आवश्यकताओं के अनुपालन को बढ़ाने और संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्टिंग के स्तर और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ऑडिटर्स की सहायता के प्रयासों के तहत आयोजित की गई है। इसमें "इख्तर" प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों और उन्हें संबोधित करने के तंत्रों पर चर्चा की गई, जिससे आर्थिक वातावरण की सुरक्षा और अखंडता को समर्थन मिलता है।
बयान में आगे कहा गया कि कार्यशाला में कई विशिष्ट विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा ऑडिटर्स के रिपोर्टिंग दायित्वों के अनुपालन की निगरानी, ऑडिटिंग सेक्टर के लिए चौथे प्रत्यक्ष परिणाम की तुलनात्मक रणनीतिक समीक्षा, संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्टिंग में बाधा डालने वाली प्रमुख चुनौतियों, उन्हें संबोधित करने के प्रस्तावित तंत्र, और मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी एवं आतंकवाद वित्तपोषण प्रणाली को समर्थन देने में ऑडिटर्स की भूमिका शामिल है।
कार्यशाला में ऑडिटर्स के साथ एक खुली चर्चा सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विचारों का आदान-प्रदान हुआ, प्रमुख टिप्पणियों और व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की गई, और विकास संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। इसका उद्देश्य संबंधित प्रक्रियाओं की प्रभावशीलता बढ़ाना और मंत्रालय तथा क्षेत्र में कार्यरत लोगों के बीच संचार चैनलों को बेहतर बनाना है। (क्यूएनए)
यह सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा अनुवादित की गई है।
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