कतर ने प्रवाल भित्तियों को पुनर्स्थापित करने के लिए राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की
दोहा, 21 मई (QNA) - कतर के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कतर विश्वविद्यालय के सहयोग से प्रवाल भित्तियों के पुनर्स्थापन पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की है, जो देश के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता की रक्षा के लिए व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
इस कार्यक्रम में सरकारी एजेंसियों, शोधकर्ताओं और उद्योग प्रतिनिधियों को एक साथ लाया गया ताकि प्रवाल भित्तियों के सामने आने वाले पर्यावरणीय खतरों पर चर्चा की जा सके और उनकी सुरक्षा और पुनर्प्राप्ति के लिए वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान तलाशे जा सकें।
मंत्रालय में संरक्षण और प्राकृतिक आरक्षित क्षेत्रों के सहायक अवर सचिव डॉ इब्राहिम अब्दुल लतीफ अल मस्लमानी ने कहा कि प्रवाल भित्तियां कतर के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री पारिस्थितिकी तंत्रों में से हैं क्योंकि वे जैव विविधता, मछली भंडार और तटीय सुरक्षा का समर्थन करती हैं। उन्होंने जोर दिया कि भित्तियों का पुनर्स्थापन समुद्री संसाधनों की स्थिरता से जुड़ी राष्ट्रीय पर्यावरणीय प्राथमिकता है।
कतर विश्वविद्यालय के अनुसंधान केंद्रों के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट डॉ मोहम्मद अल सफरान ने कहा कि कार्यशाला विश्वविद्यालय की अनुप्रयुक्त पर्यावरणीय अनुसंधान और राष्ट्रीय सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने प्रवाल भित्तियों की सुरक्षा को साझा जिम्मेदारी बताया, जिसके लिए शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी निकायों और उद्योग के बीच सहयोग आवश्यक है।
मंत्रालय में वन्यजीव विकास के निदेशक खालिद जुम्मा अल मुहन्नदी ने कहा कि प्रवाल भित्तियां वैज्ञानिक अनुसंधान, शिक्षा और ईको-टूरिज्म में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि मंत्रालय कतर की दीर्घकालिक पर्यावरणीय लक्ष्यों के तहत कतर राष्ट्रीय दृष्टि 2030 के अंतर्गत भित्तियों के पुनर्स्थापन कार्यक्रमों को विशेष महत्व दे रहा है।
प्रतिभागियों ने कहा कि समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा के लिए मजबूत साझेदारी, व्यापक क्षेत्रीय अध्ययन और वैज्ञानिक अनुसंधान तथा पर्यावरणीय नवाचार में निरंतर निवेश की आवश्यकता है। (QNA)
यह सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा अनुवादित की गई है।
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