जीसीसी महासचिव: आर्थिक तत्परता के लिए खाड़ी एकीकरण एक रणनीतिक आवश्यकता
रियाद, 14 मई (QNA) - खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदैवी ने कहा कि हाल के समय में क्षेत्र में देखे गए विकास और बदलावों ने यह पुष्टि कर दी है कि खाड़ी एकीकरण और समन्वय को मजबूत करना अब केवल एक संस्थागत विकल्प नहीं रह गया है, बल्कि आर्थिक और विकासात्मक तत्परता को समर्थन देने, जीसीसी देशों की सामूहिक क्षमता को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय बदलावों का सामना करने के लिए बढ़ाने, और महत्वपूर्ण क्षेत्रों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और बाजारों की स्थिरता बनाए रखने के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता बन गया है।
अलबुदैवी ने कहा कि खाड़ी एकीकरण आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने और निवेश के अवसरों को बढ़ाने के लिए एक प्रमुख स्तंभ है, इसके अलावा यह जीसीसी देशों को झटकों को सहन करने और वस्तुओं व सेवाओं के प्रवाह को सुनिश्चित करने में सक्षम बनाता है, जिससे जीसीसी देशों की साझा आर्थिक सुरक्षा मजबूत होती है।
उनकी टिप्पणी जीसीसी आर्थिक और विकास मामलों की स्थायी मंत्री स्तरीय तैयारी समिति की नौवीं बैठक के दौरान आई, जो गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित हुई और वर्तमान में बहरीन की अध्यक्षता में वित्तीय और आर्थिक सहयोग समिति की अध्यक्षता में हुई।
जीसीसी महासचिव ने जोर दिया कि यह बैठक जीसीसी देशों के नेताओं, उनकी महामहिम और उच्चता की 19वीं सलाहकार बैठक के निर्देशों को लागू करने के लिए खाड़ी प्रयासों को बढ़ाने के ढांचे में आती है, जिसमें संयुक्त खाड़ी परियोजनाओं को लागू करने की आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया गया था।
इनमें परिवहन और लॉजिस्टिक्स परियोजनाएं, जीसीसी रेलवे परियोजना, जीसीसी देशों के बीच बिजली कनेक्शन को मजबूत करना, तेल और गैस पाइपलाइन की स्थापना का अध्ययन, जल कनेक्शन परियोजना, और जीसीसी रणनीतिक स्टॉक ज़ोन का निर्माण शामिल है, साथ ही खाड़ी केंद्रीय बैंकों के तरलता भंडार को ध्यान में रखते हुए। (QNA)
यह सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा अनुवादित की गई है।
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