एचबीकेयू संगोष्ठी ने डिजिटल युग में पारिवारिक पालन-पोषण की चुनौतियों को उजागर किया
दोहा, 13 मई (QNA) - दोहा में हाल ही में आयोजित एक संगोष्ठी ने डिजिटल युग में पारिवारिक पालन-पोषण की बढ़ती चुनौतियों और बच्चों के विकास को समर्थन देने के लिए परिवारों, स्कूलों और संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग की आवश्यकता को उजागर किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन हमाद बिन खलीफा विश्वविद्यालय (एचबीकेयू) के मिनारेटीन केंद्र द्वारा दोहा इंटरनेशनल फैमिली इंस्टीट्यूट के साथ साझेदारी में किया गया था, जिसमें बच्चों के मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक कल्याण, परिवारिक संबंधों पर डिजिटल तकनीक का प्रभाव, और सांस्कृतिक मूल्यों तथा आधुनिक खुलेपन के बीच संतुलन जैसे प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
वक्ताओं ने जोर दिया कि आज की पेरेंटिंग अब सहज प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें जागरूकता, अद्यतित उपकरण और संरचित दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है ताकि तेज सामाजिक परिवर्तन के साथ-साथ मूल्यों की रक्षा की जा सके।
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म बच्चों की मान्यताओं और व्यवहार पर प्रमुख प्रभाव डाल रहे हैं, जो अक्सर माता-पिता और स्कूलों की भूमिका को पहचान बनाने में चुनौती देते हैं।
संगोष्ठी ने परिवारों और शैक्षिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने के महत्व को रेखांकित किया ताकि छात्रों को व्यवहारिक जोखिमों से बचाया जा सके और उनके भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक कल्याण का समर्थन किया जा सके।
अधिकारियों ने राष्ट्रीय पहलों, जैसे कि तंशीअ (पालन-पोषण) कार्यक्रम, का उदाहरण दिया, जो कतर में सकारात्मक युवा विकास को बढ़ावा देने और छात्र कल्याण में सुधार के लिए समन्वित प्रयासों का प्रतिनिधित्व करते हैं। (QNA)
यह सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा अनुवादित की गई है।
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