एआई-संचालित साइबर खतरे बढ़े, गूगल ने दी चेतावनी
वाशिंगटन, 11 मई (क्यू एन ए) - गूगल ने एआई-आधारित साइबर हमलों की तेज़ वृद्धि को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि हैकर अब उन्नत भाषा मॉडल का उपयोग करके पहले अज्ञात सॉफ्टवेयर कमजोरियों की खोज कर रहे हैं और अभूतपूर्व गति से दुर्भावनापूर्ण कोड विकसित कर रहे हैं।
एक नई सुरक्षा रिपोर्ट में, गूगल ने कहा कि उसने साइबर अपराधियों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके एक व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले ओपन-सोर्स सिस्टम प्रबंधन उपकरण में जीरो-डे दोष की खोज करने का पहला ज्ञात मामला पहचाना है। इस हमले को बड़े पैमाने पर शोषण शुरू होने से पहले ही रोक लिया गया।
गूगल के थ्रेट एनालिसिस ग्रुप ने इस विकास को साइबर युद्ध में एक बड़ा मोड़ बताया है, चेतावनी दी कि एआई अब केवल हैकरों की सहायता नहीं कर रहा है, बल्कि डिजिटल हमलों के महत्वपूर्ण चरणों को तेजी से स्वचालित कर रहा है, जिसमें कमजोरियों की खोज, मैलवेयर निर्माण और लक्ष्य विश्लेषण शामिल हैं।
सुरक्षा विश्लेषकों ने कहा कि हालिया हमले के कोड में पाए गए संकेतों से एआई की भागीदारी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिससे यह पता चलता है कि मशीन लर्निंग साइबर घुसपैठ की जटिलता और पैमाने को तेजी से बढ़ा रही है।
कंपनी ने चेतावनी दी कि पारंपरिक मानव-आधारित साइबर सुरक्षा रक्षा अब तेज़ गति वाले एआई-संचालित खतरों के सामने पर्याप्त नहीं है, और सरकारों व संगठनों से आग्रह किया कि वे स्वचालित साइबर हमलों के वैश्विक मानक बनने से पहले बुद्धिमान रियल-टाइम रक्षा प्रणालियाँ लागू करें। (क्यू एन ए)
यह सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा अनुवादित की गई है।
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