रूसी वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक कचरे को ईंधन में बदलने की तकनीक विकसित की
मॉस्को, 30 अक्टूबर (QNA) - रूसी विज्ञान अकादमी की साइबेरियन शाखा के पेट्रोलियम रसायन संस्थान के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी विधि विकसित की है जिससे प्लास्टिक कचरे को 475 डिग्री सेल्सियस पर गर्म करके रासायनिक प्रक्रिया के माध्यम से ईंधन में बदला जा सकता है।
शोधकर्ता उलयाना फ्रोलोवा ने बताया कि इस प्रक्रिया में उच्च तापमान पर लंबे हाइड्रोकार्बन श्रृंखलाओं का विघटन होता है, जिससे ठोस प्लास्टिक तरल उत्पाद में बदल जाता है।
साइबेरिया में विज्ञान बुलेटिन के अनुसार, यह तकनीक ठोस कार्बन अवशेषों या कोक का उपयोग करके ईंधन उत्पादन को लगभग अपशिष्ट-मुक्त बनाती है, जो रिएक्टर में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है और प्रसंस्करण दक्षता तथा गैसोलीन की उपज को बढ़ाता है।
इस प्रक्रिया से विभिन्न प्रकार के ईंधन भी बनाए जा सकते हैं, जिसमें हाइड्रोट्रीटेड डीजल शामिल है जो सर्दी के लिए क्लास 0 विनिर्देशों को पूरा करता है और कठोर परिस्थितियों में उपयोग के लिए उपयुक्त है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि प्लास्टिक में सल्फर की कमी के कारण उत्पादन के दौरान हाइड्रोजन सल्फाइड के निर्माण को रोका जा सकता है, जिससे वायुमंडलीय प्रभाव कम होता है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि कोक उत्प्रेरक और अवशोषक दोनों के रूप में कार्य कर सकता है, जिससे प्लास्टिक कचरे की समस्या का समाधान होता है और एक मूल्यवान संसाधन भी बनता है। (QNA)
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