मीठे पेय के लिए इलेक्ट्रॉनिक परीक्षण प्रक्रियाएँ 1 नवंबर से धरीबा प्लेटफॉर्म पर शुरू होंगी
दोहा, 28 अक्टूबर (QNA) - जनरल टैक्स अथॉरिटी ने घोषणा की है कि मीठे पेय को पंजीकृत करने के लिए आवश्यक विश्लेषण प्रमाणपत्र 1 नवंबर 2026 से धरीबा प्लेटफॉर्म के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्वीकार किए जाएंगे। यह प्रक्रिया सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त और अथॉरिटी में पंजीकृत प्रयोगशालाओं के साथ सीधे एकीकरण के माध्यम से होगी, जिससे करदाताओं को प्रमाणपत्र मैन्युअल रूप से अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी।
नई प्रक्रियाओं के तहत, करदाता धरीबा प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पाद पंजीकरण आवेदन जमा करते हैं, फिर आवश्यक परीक्षणों के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में एक नमूना प्रदान करते हैं और शर्करा व स्वीटनर की प्रकार और मात्रा निर्धारित की जाती है। जब प्रयोगशाला परिणामों को स्वीकृत कर देती है, तो परीक्षण डेटा और विश्लेषण प्रमाणपत्र स्वतः धरीबा प्लेटफॉर्म पर भेज दिए जाते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक एकीकरण से अथॉरिटी के कर्मचारियों को परीक्षण परिणामों तक सीधे पहुंच मिलती है, जिससे आवेदन प्रक्रिया तेज होती है, मैन्युअल प्रक्रियाएँ कम होती हैं और प्रयोगशालाओं से प्राप्त डेटा की सटीकता बढ़ती है।
इस एकीकरण की पूर्णता मीठे पेय पर एक्साइज टैक्स के विस्तार के साथ मेल खाती है। यह अथॉरिटी के संबंधित संस्थाओं के साथ इलेक्ट्रॉनिक एकीकरण को मजबूत करने, उत्पाद पंजीकरण प्रक्रियाओं को स्वचालित करने और अपनी डिजिटल सेवाओं को विकसित करने के प्रयासों का हिस्सा है, जिससे समय और श्रम की बचत होती है और करदाता अनुभव बेहतर होता है। (QNA)
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